ईरान और इज़राइल युद्ध 2024
- 1979 जब से ईरान में इस्लामिक बदलाव आया है तभी से ईरान और इज़राइल के बीच में ज़बरदस्त टेंशन का माहौल रहा है लेकिन पहले कभी भी ये दोनों एक दूसरे पे कभी भी सीधे हमले नहीं किए थे ।
- 7 October 2023 - Humas ने अटैक किया इज़राइल के ऊपर और लगभग 1200 लोग मारे गए इसके बदले में इज़राइल ने गाजा (फ़िलिस्तीन) पे हमला करके तहस नहस कर दिया जो युद्ध अभी भी चल ही रहा है ।
- 1 अप्रैल 2024 - इज़राइल ने सीरिया में ईरान की एम्बेसी पे हमला किया था जिसमें ईरान आर्मी के प्रमुख अधिकारी मारे गये ।
- UN Charter Article 51 के अनुसार अगर किसी देश की एम्बेसी पे कोई भी देश अटैक करता है तो उस देश को हक़ है जवाब देने का
- 14 अप्रैल 2024 - ईरान ने इज़राइल पे 300 ड्रोन और मिसाइल बरसाये ।
- इज़राइल का सिद्धांत है जो हमे नुक़सान पहुँचाएगा हम उसे नुक़सान पहुँचायेंगे
- ईरान की नीति है जो होगा देखा जाएगा ।
रूस-यूक्रेन, इज़रायल-फ़िलिस्तीन का चैप्टर अभी बंद नहीं हुआ है और इसी बीच तीसरे विश्वयुद्ध कि तरफ़ के झुकाव का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है | ये हमला गाजा या फ़िलिस्तीन से नहीं बल्कि ईरान की टेरिटरी से हुआ है, इज़राइल के बहुत सारे मिलिट्री कैंप को हिट किया गया है।
ईरान ने पूरी दुनिया को विश्व युद्ध के किनारे पे खड़ा कर दिया है। बताते चले कि ईरान बहुत दूर नहीं है न्यूक्लीय हथियार बनाने से और इज़राइल के पास बहुत सारे न्यूक्लियर हथियार पहले से ही है |
ईरान की नीति है जो होगा देखा जाएगा, ईरान का कहना है अगर किसी भी देश ने इज़राइल की मदद कर दी या अपना एयर स्पेस इज़राइल के लिये खोल दिया जिसकी मदद से इज़राइल उनपे हमला कर सकता है तो ईरान उस देश पर भी हमला करेगा। इस हमले में इज़राइल का कितना नुक़सान हुआ ये तो बाद की बात है लेकिन ईरान सीधा हमला करके ये साफ़ बता दिया है हम हमले के लिए तैयार है, ये बिलकुल वैसा ही है जैसे कुछ साल पहले भारत ने पाकिस्तान के बालकोट एयर स्ट्राइक करके चेता दिया था कि हम युद्ध के लिये तैयार हैं ।
आप को बताते चलें कि जब दूसरा विश्व युद्ध हुआ था उस समय अमेरिका किसी भी पक्ष से ना लड़ने और शांति से बैठने का निर्णय लिया था लेकिन जापान से यह ना देखा गया, और 7 दिसंबर 1941 को जापान ने हवाई आइलैंड पे स्थित अमेरिका के पर्ल हार्बर एयर बेस पे हमला कर के तबाह कर दिया जिसके जवाब में अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी में न्यूक्लियर बॉम्ब गिरा के विश्व युद्ध को विराम लगाया था ।
तीसरा विश्व युद्ध होने की संभावनाओं के कारण :
1 - यूक्रेन को लगातार अमेरिका और वेस्टर्न देशों से मिलती मदद से रुस नाराज़ चल रहा है ।
2 - इज़राइल और फ़िलिस्तीन के युद्ध में दुनिया डिप्लोमेटिक लेवल पे दो हिस्सों में बंट चुकी है
3 - अमेरिका के लगातार ताइवान समर्थन से चीन नाराज़ चल रहा है
4 - इज़राइल और ईरान दोनों ही ज़िद्दी देश हैं दोनों ही हमला करना और हमले का जवाब देने में माहिर हैं ।
5 - रुस पूरी तरह से ईरान के पीछे खड़ा है अगर अमेरिका इस युद्ध में आया तो रुस भी ज़रूर हिस्सा लेगा
6 - चीन की साउथ चाइना सागर नीति से सारे ASAEN group के देश नाराज़ चल रहें है।
7 - जिस देश में भी तेल मिलता है अमेरिका उन्हें डिस्टर्ब करता रहता है। उदाहरण - ईरान, वेनेज़ुएला आदि
सवाल उठता है कि कभी भी कोई देश इज़राइल पे सफल रूप से हमला क्यूँ नहीं कर पाता है, जवाब है इज़राइल का मज़बूत एयर डिफेंस सिस्टर जो कुल पाँच चीज़ों से मिलकर बनता है और बहुत ही ज़्यादा मज़बूत है
1 - Arrow : इज़राइल और usa ने मिलकर इसे बनाया है, कोई भी अगर मिसाइल आ रही इसराइल की तरफ़ उसको यह नष्ट कर सकता है
2 - David Sling : इज़राइल और USA ने मिलकर बनाया, यह मीडियम रेंज मिसाइल अटैक से बचाता है
3 - Iron Dome : छोटे छोटे हमलों से बचाता है
4 - iron Beam : लेजर की मदद से दुश्मन के हमले को मार गिराती है
5 - Patriot : USA Made Surface to air missile system.
©️ Sanjay Verma ✍️

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