Covid and Lockdown
DELHI, 24 March 2020, 12:50 am(mid-night),
चारो तरफ फैला हुआ सन्नाटा, कुत्तों के भोकने कि आवाज
पेड़ों के पत्तो कि सनसनाहट, दूर किसी चिड़िया कि आवाज
बिलकुल साफ़ सुनाई दे रही
अगर कुछ और भी सुनाई से रहा तो
दूर किसी सायरन की आवाज, गुजरती किसी गाड़ी का हॉर्न
और अगर कुछ दिखाई रहा तो
सामने का खाली शादीपुर मेट्रो स्टेशन, सुनसान पड़ा सत्यम सिनेमाघर
बगल का मेट्रो हास्पिताल और खाली पड़ी सड़के,सिग्नल की हरी लाइटे
खिड़कियों से दिखता प्रकाश, इमारतों पे लगातार जलती लाल लाइटे
घरों के ऊपर पानी की टंकियां, मोबाइल टावर पे टिमटिमाती लाल लाइटें
साफ़ आसमान और तारों का समूह, कुछ दिख रहा तो यही दिख रहा
कहने को तो ये कैपिटल सिटी है पर ना कोइ आ सकता है ना जा सकता है
बिलकुल गाव जैसा सन्नाटा चारो ओर फैला हुआ
ये सब देख मुझे मेरे गांव की याद आ गई
जी तो कर रहा बिस्तर लगाऊ तारों को देखू
और यही छत पर शाल ओड बेफिक्र सो जाऊं......
- संजय ✍️

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